समाजसेवी महेंद्र अग्रवाल और शिव कुमार अग्रवाल ने बढ़ाया मदद का हाथ, बारिश से पहले मिला आशियाने को सहारा
ब्यूरो अंजनी कुमार
रायबरेली। मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा और नर सेवा ही नारायण सेवा के मूल भाव को चरितार्थ करते हुए समाजसेवी महेंद्र अग्रवाल और शिव कुमार अग्रवाल ने संवेदना और सहयोग की अनूठी मिसाल पेश की है। दोनों समाजसेवियों की पहल से जन्मजात शारीरिक दिव्यांगता और दृष्टि बाधिता से जूझ रहे 100 प्रतिशत दिव्यांग दंपति शिव शंकर यादव मिथिलेश कुमारी यादव के उजड़े आशियाने को बारिश से पहले सहारे की छत मिल गई।
ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के चड़रई चौराहा निकट पूरे पलऊ निवासी शिव शंकर यादव जन्म से ही गंभीर शारीरिक दिव्यांगता के साथ जीवन जी रहे हैं। उनके दोनों निचले अंग (पैर) पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सके थे। इसके बावजूद उन्होंने कभी परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी। अपने हाथों के सहारे और बैटरी चालित वाहन चलाकर वह आत्मनिर्भर जीवन जीने का संघर्ष कर रहे हैं। वहीं उनकी पत्नी मिथिलेश कुमारी यादव भी जन्म से दृष्टिबाधित हैं। चिकित्सकीय दृष्टि से उनकी आंखों का पूर्ण विकास नहीं हो पाया है, जिसके कारण उन्हें जन्म से ही देखने में असमर्थता है। इसके बावजूद दोनों ने एक-दूसरे का सहारा बनकर जीवन की कठिन राहों को हिम्मत के साथ पार किया है। बीती 9 जून को आई आंधी में उसके घर की छत में लगी सीमेंट चादरों वाली आशियाने की छत उड़ गई थी। सीमेंट चादरें क्षतिग्रस्त हो गईं और बरसात के मौसम में परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया। मदद की उम्मीद लेकर जब शिव शंकर व्हीलचेयर पर 16 जून को जिलाधिकारी की जनसुनवाई में पहुंचे तो उनकी स्थिति मातृभूमि सेवा मिशन के वरिष्ठ संरक्षक महेंद्र अग्रवाल की नजरों में आई। दिव्यांग दंपति की पीड़ा जब समाजसेवी महेंद्र अग्रवाल के सामने आई तो वह अपने सहयोगी समाजसेवी शिव कुमार अग्रवाल को बताया तब दोनों लोगों ने मिलकर तत्काल मदद का निर्णय लिया।
जिस पर सोमवार को महेंद्र अग्रवाल पूरे पलऊ पहुंचकर परिवार की स्थिति देखी। दंपति की परेशानी को देखते हुए दोनों समाजसेवियों ने तत्काल 14 सीमेंट चादरों की व्यवस्था कराई, और शाम होने से पहले सीमेंट की चादर भी पहुंच गई तो उसे दिव्यांग के चेहरे की लूट और दोनों समाजसेवियों को धन्यवाद देते हुए ईश्वर का आभार जताया। अब उसे उजड़ी छत को फिर से सहारा मिल सके। सहायता मिलने के बाद वर्षों से संघर्ष कर रहे परिवार के चेहरे पर उम्मीद और खुशी की मुस्कान लौट आई।
सोमवार को साथ इस अवसर पर मातृभूमि सेवा मिशन इकाई के वरिष्ठ संरक्षक महेंद्र अग्रवाल के साथ मंडल अध्यक्ष भगवत प्रताप मौजूद रहे। महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी पीड़ा को कम करना ही वास्तविक सेवा है। उन्होंने कहा कि सेवा का उद्देश्य सम्मान और सहयोग देना होना चाहिए, न कि केवल प्रचार। बताते चलें कि समाजसेवी महेंद्र अग्रवाल और शिव कुमार अग्रवाल की यह पहल उस विश्वास को मजबूत करती है कि संवेदना, सहयोग और मानवता आज भी समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं।
100 प्रतिशत दिव्यांग दंपति के घर पहुंची संवेदना की छत, 14 सीमेंट चादरों से मुस्कुराई जिंदगी
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