कानपुर। थाना सीसामऊ में पिछले लगभग पांच वर्षों से तैनात एक कांस्टेबल पर अपराधियों को संरक्षण देने, अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने और कानूनी कार्रवाई को प्रभावित करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस कमिश्नर और मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

शिकायत के अनुसार कांस्टेबल अनिल कुमार वर्ष 2021 से लगातार सीसामऊ थाने में तैनात हैं। इतने लंबे समय तक एक ही थाने में तैनाती को लेकर स्थानीय लोगों में पहले से ही चर्चा थी, लेकिन अब उन पर सीधे तौर पर अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
पीड़ित विनोद कुमार ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि क्षेत्र के कई शातिर अपराधी और दबंग कथित रूप से कांस्टेबल अनिल कुमार के संरक्षण में गांजे की तस्करी, अवैध हथियारों का प्रदर्शन और लोगों में दहशत फैलाने जैसे कार्य कर रहे हैं। आरोप है कि अपराधियों के खिलाफ शिकायत होने पर उन्हें पकड़कर थाने लाया तो जाता है, लेकिन बाद में पुलिसकर्मी की “मेहरबानी” से छोड़ दिया जाता है।
पीड़ित का कहना है कि कांस्टेबल अनिल कुमार अपराधियों के खिलाफ होने वाली कानूनी कार्रवाई को रफा-दफा कराने का “ठेका” लेते हैं, जिससे क्षेत्र में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि हाल ही में इलाके में हुई आगजनी की बड़ी घटना में नामजद आरोपियों को भी बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि अपराधियों को लगातार संरक्षण मिलने के कारण उन्हें जान का खतरा बना हुआ है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी घटना हो सकती है।
मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय और पुलिस कमिश्नर से किए जाने के बाद अब लोगों की निगाहें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल एक पुलिसकर्मी का मामला नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता पर भी बड़ा सवाल है।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।






