रिपोर्टर गिरधारी
डोडियाना/नागौर। सीमित संसाधन और आर्थिक तंगी भी यदि मजबूत इरादों के सामने आ जाएं तो सफलता जरूर मिलती है। इसका जीवंत उदाहरण गांव के रामप्रसाद गुर्जर ने पेश किया है। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले मोहनलाल गुर्जर के बेटे रामप्रसाद ने भारतीय वायुसेना (एयर फोर्स) में चयनित होकर न केवल अपने माता-पिता का सपना पूरा किया, बल्कि पूरे गांव का नाम भी रोशन किया।
छह माह का प्रशिक्षण पूरा कर जब रामप्रसाद पहली बार अपने गांव पहुंचे तो ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बना। गांव में डीजे और भारत माता के जयघोष के साथ उनका जगह-जगह माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। घर पर आयोजित सादे सम्मान समारोह में ग्रामीणों ने साफा पहनाकर, माला पहनाकर और मुंह मीठा करवाकर उनका अभिनंदन किया।
रामप्रसाद के परिवार की संघर्षपूर्ण कहानी आज हर युवा के लिए प्रेरणा है। पिता मोहनलाल गुर्जर ने वर्षों तक मेहनत-मजदूरी कर तथा भेड़-बकरियां पालकर अपने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। माता सीता देवी, दादी गौरी देवी तथा स्वर्गीय दादा सूरजमल गुर्जर के संस्कारों और परिवार के सहयोग ने रामप्रसाद को इस मुकाम तक पहुंचाया। परिवार में उनकी एक बहन भी है।
समारोह में समाजसेवी शंकरलाल प्रजापत ने कहा कि माता-पिता को अपनी सुख-सुविधाओं से अधिक बच्चों की शिक्षा पर खर्च करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोहनलाल गुर्जर ने स्वयं कम खर्च करके अपने बेटे को पढ़ाया और आज उसका परिणाम पूरे गांव के सामने है। यह हर अभिभावक के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
ग्राम के नंदकिशोर घटियाला ने कहा कि रामप्रसाद ने साबित कर दिया कि सफलता केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से मिलती है। उन्होंने कहा कि गांव का यह बेटा आज युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गया है।
प्रोफेसर सांवरमल ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि लोग विवाह और अन्य आयोजनों पर लाखों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन बच्चों की शिक्षा पर उतना ध्यान नहीं देते। यदि परिवार शिक्षा को प्राथमिकता दें तो गांव, समाज और देश को अनेक रामप्रसाद मिल सकते हैं, जो देश की सेवा कर परिवार और क्षेत्र का गौरव बढ़ाएं।
इस अवसर पर ग्राम प्रशासक रेखाराम माठ, नंदकिशोर घटियाला, मंडल अध्यक्ष रामनारायण घटियाला, पूर्व सरपंच गिरधारी सिंह राठौड़, शंकरलाल प्रजापत,ओमप्रकाश रिया, शंकरलाल गुर्जर, पूर्व फौजी देवी सिंह, दामोदर व्यास,पूर्व फौजी समाजसेवी बीरमजी गुर्जर, नौरत गुर्जर, भवानी सिंह राठौड़, प्रभु गुर्जर, सुरताराम, श्रीकिशन गुर्जर, शंकर गुर्जर, नाथूराम मंडीवाल, गोपाल सिंह नरूका, प्रोफेसर सांवरमल, रामप्रसाद के नाना मेवाराम गुर्जर, शिवराज पदमपुरा, सांवरलाल गुड्डा, जगमालोटा, गोविंदराम गुर्जर, लालाराम गुर्जर, गोपालराम गुर्जर, अर्जुनराम गुर्जर, बीरम गुर्जर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने रामप्रसाद को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।






