शिल्प देव

Date:

शिल्प -ज्ञान विज्ञान अपरिमित,

इसके वर्णन का ना है पारावार ।

शिल्प गुरू भारत कहलाता था,

अभिनंदन करता नित संसार ।।

शिल्प देवता विश्वकर्मण अनुपम,

जिनकी महिमा है अथक अपार।

निशि दिन करते कवि जन वंदन,

हैं संसार सहित शिल्पी परिवार ।।

🙏चन्द्रगुप्त प्रसाद वर्मा “अकिंचन

चलभाष-9305988252

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

लेटेस्ट खबरें

गांव-समाज की खबरें
Related

बांसडाभींडर की बहु श्री

बांसडा,भींडर की बहु श्री निलेश चौबीसा की पत्नी और...

रोजमर्रा के खट्टे मीठे अनुभव

अचार' की तरह परिवार की धरोहर हैं. डॉ स्वाति...

जय जवान जय किसान

शास्त्री जी के सपने पर कविता रचना *डॉ अनमोल कुमार* एक...

गांधी के विचार पर कविता

रचना *डॉ अनमोल कुमार*   चरखा चलता हाथ से, आत्मा का...