खामोशियाँ बोल देती हैं,
जिनकी बातें नहीं होती,
इश्क़ उनका भी कायम रहता है, जिनकी मुलाकातें नहीं होती।
दूरियाँ चाहे कितनी भी हों दरमियाँ,
दिल से दिल की कभी दूरियाँ नहीं होतीं।
कुछ रिश्ते नाम के मोहताज नहीं होते,
हर रिश्ते में रोज़ मुलाकातें नहीं होतीं।
जिसे दिल सच्चे मन से अपना मान ले,
उससे हर पल मिलने की जरूरत नहीं होती,
ऐसे कुछ रिश्ते दिल में,
कुछ कागज़ों पर आबाद रहे
बताओं कैसे भूलें उसे,
जो हर सांस में याद रहे…!!
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✍🏼पंकज एस पाण्डेय, शिकोहाबाद !!!






