किसी के अंधेरे का चिराग बन कर देखिए।
किसी की आँखों का ख्वाब बन कर देखिए।।
दर्द दूसरों का भी अपना कर जरा देखो।
किसी की मुश्किल का जवाब बन कर देखिए।।
2
गिरते हुए को जरा संभाल कर देखो तुम।
अपनी नज़र के भी जरा पार देखो तुम।।
हाथ बढ़ाओगे किसीके दर्द में तो मुस्कान मिलेगी।
किसी का दर्द जरा उधार लेकर देखो तुम।।
3
दूसरों के गमों को जो माने वो इंसान होता है।
तकलीफ में दे साथ वही एहसान होता है।।
नेकी कर दरिया में डाल देना ही होता अच्छा।
जला कर हाथ जो बचाए वह भगवान होता है।।
रचयिता।।एस के कपूर “श्री हंस”
बरेली।।
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