विविध

कर एक चेष्टा मंज़िल की

राह कठिन हो, धूप प्रखर हो, फिर भी कदम बढ़ाते चल, काँटों से मत घबरा पथिक, काँटों पर मुस्काते चल।   मंज़िल दूर भले ही हो, स्वप्नों...

नारी मात्रा भार

नारी तेरी लिखूँ कहानी। ऐसी मेरी औकात नहीं। तू अबला हो भोली भाली। ऐसा मुझको तो भान नहीं।   बनकर लक्ष्मी बाई तू फिर अंग्रेजों को मार भगाती हो। अनसूया बनकर...

विश्व पटल पर राज करे

सर्वमान्य है जग में हिन्दी, यह जन-गण की भाषा। विश्व पटल पर राज करे यह, है सबकी अभिलाषा॥   सब विधान शुचि सुंदर इसके, है सबकुछ मर्यादित। अभिव्यक्ति की भाव भंगिमा, है...

उम्मीदों से भरा आजाद मन

मैंने मन के बंद दरवाजे, आज सभी खोल दिए। जो सपने वर्षों से चुप थे, उनको फिर से बोल दिए।   अब न डर न कोई चिंता, मुझे कभी सताती...

स्वामी विवेकानंद के कहे पर दस्तक देता

स्वामी विवेकानंद के कहे पर दस्तक देता डॉ रामशंकर चंचल आज अपनी मौलिकता से विश्व पटल पर छाया हुआ     भारत के मध्य प्रदेश आदिवासी जिले...

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