वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच,कर्नाटक इकाई की मासिक काव्य गोष्ठी में भक्तिरस धार बही..सभी हुए मंत्रमुग्ध
वनाकाम,कर्नाटक इकाई की सितंबर माह की आभासी काव्य गोष्ठी रविवार,13सितंबर...
ऋषि मुनि गुरु सद्गुरु ये,दिव्य ज्ञान दिए हैं बड़ भारी।
सत्यपथ चलने वाले को ये,खुशियाँ मिलती हैं सारी।।
देव-देवी ऋषि मुनिजन को,गुरुवर हैं मानें वे आभारी।
ऋषि...
।।रचना शीर्षक।।
।।मेरी जान हिंदी मेरा अभिमान हिंदी।
।।विधा।।सजल।।
मेरी जान हिंदी,मेराअभिमान हिंदी।
हम सब की एक पहचान हिंदी।।
हिंदी में बसते प्राण हम सबके।
हम सब का एक नाम...