विविध

मन के दरवाजे पर

कभी, कभी मन के दरवाजे, पर, आकर,रुक जाते हैं शब्द। मचलते हैं बाहर आने को, मगर सहम जाते हैं शब्द।   कभी, कभी मन के दरवाजे, पर, आकर,मचलते है...

Dedicated to Education and Social Change

Dedicated to Education and Social Change, Teacher Jitendra Giri Goswami Honoured with ‘Teacher Honour 2026’   Daily Chhattisgarh Express honours him for his active contribution to...

तेरा इंतजार  

तुझे पीपल के पत्ते पे!! रोज एक खत लिखती पिया !!   तकिया हाथों का लगाती बिछोंना माटी का बनाती   रातों को सितारों से करती !! तेरे प्यार की मीठी...

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को उनके जन्मदिवस पर काव्यांजलि

काशी की पावन धरती पर जन्मे भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (युगद्रष्टा) को मेरी यह छोटी-सी काव्यांजलि आपको निवेदित करता हूँ।   काशी की पावन धरती पर, एक प्रभात सुनहरा...

भारतेन्दु हरिश्चंद्र

काशी की पावन माटी में जन्मा वह युग-निर्माता था, अल्पायु पाकर भी जो नवयुग का भाग्य-विधाता था। सोए जनमानस को जिसने अपनी लेखनी से जगा दिया, निज...

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