दि ग्राम टुडे,कानपुर। कानपुर नगर निगम ने शहर में ठोस अपशिष्ट (कचरा) प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं वैज्ञानिक बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए सभी बड़े कचरा उत्पादकों (बल्क वेस्ट जेनरेटर) के लिए नए प्रावधानों का अनुपालन अनिवार्य कर दिया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध जुर्माना लगाने के साथ-साथ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर निगम द्वारा जारी सूचना के अनुसार नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी होटल, मैरिज हॉल, सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालय, आवासीय कल्याण समितियाँ (आरडब्ल्यूए), शिक्षण संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा अन्य बड़े कचरा उत्पादकों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा। ऐसे सभी संस्थान जिनका निर्मित क्षेत्रफल 20 हजार वर्गमीटर या उससे अधिक, अथवा प्रतिदिन 40 हजार लीटर या उससे अधिक जल का उपयोग, अथवा 40 किलोग्राम या उससे अधिक ठोस अपशिष्ट का उत्पादन होता है, उन्हें बल्क वेस्ट जेनरेटर की श्रेणी में माना जाएगा।
नगर निगम ने निर्देश दिए हैं कि सभी बल्क वेस्ट जेनरेटर अपने परिसर में गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करें। साथ ही गीले कचरे का निस्तारण परिसर में ही कम्पोस्टिंग, बायोगैस अथवा अन्य विकेन्द्रीकृत प्रणाली के माध्यम से किया जाए। जिन संस्थानों में ऐसी व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, उन्हें नियमानुसार विस्तारित बल्क वेस्ट जेनरेटर उत्तरदायित्व (ईबीडब्ल्यूजीआर) प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
इसके अतिरिक्त नगर निगम ने सभी पात्र संस्थानों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के केंद्रीकृत पोर्टल पर बल्क वेस्ट जेनरेटर के रूप में पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। पंजीकरण के उपरांत नगर निगम की टीम द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यदि किसी संस्थान में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके विरुद्ध ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अंतर्गत चालानी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई संस्थान परिसर में गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण नहीं करता अथवा निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध अधिकतम पाँच हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। यह कार्रवाई जोनल अधिकारी, जोनल स्वच्छता अधिकारी, वरिष्ठ सफाई निरीक्षक अथवा नगर आयुक्त द्वारा अधिकृत अधिकारी के माध्यम से की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने सभी संबंधित संस्थानों से अपील की है कि वे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें तथा स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल कानपुर के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ। नगर निगम का कहना है कि जनसहयोग और संस्थागत जिम्मेदारी से ही स्वच्छता अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
कानपुर नगर निगम का सख्त फरमान: बड़े कचरा उत्पादकों को करना होगा अनिवार्य पंजीकरण, नियमों के उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
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