नवरात्रों में आयी माँ
आयी माँ नवरात्र,लगे शुभद सुहानी।
करते पूजा पाठ,लगे नहीं पुरानी।।
माँगें हैं वरदान,जुड़े सदैव नाता ।
करना घर जग शांति,कृपा प्रसाद भाता।।
नौ रूपों में भक्त , करे उपासना है।
होती घर – पंडाल , सर्वत्र साधना है।।
तन -मन से जन पूज , मिले ‘ मंजु’ शुभद फल।
करती माँ दुख दूर , शुभंकरी करे हल ।।
डॉ मंजु गुप्ता
वाशी , नवीमुम्बई।






