
दि ग्राम टुडे,कानपुर। कानपुर मंडल में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जिसके चलते आगामी 08 जुलाई तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग एवं कृषि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वातावरण में नमी बढ़ने और बादलों की लगातार आवाजाही के कारण पूरे मंडल में उमस भरी गर्मी का असर भी बना रहेगा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार कानपुर मंडल में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं अत्यधिक नमी के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। शनिवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम 74 प्रतिशत और न्यूनतम 53 प्रतिशत रही। हवा की औसत गति 3.6 किलोमीटर प्रति घंटा तथा अधिकतम गति 5.9 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। हवा उत्तर-पूर्व दिशा से चलती रही।

जिला-वार जारी पूर्वानुमान के अनुसार कानपुर नगर में दोपहर और शाम के समय घने बादल छाए रहने की संभावना है। रात से लेकर अगले दिन सुबह तक गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की 65 से 80 प्रतिशत संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
कानपुर देहात में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। देर रात अथवा सुबह के समय कुछ हिस्सों में मध्यम दर्जे की मानसूनी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका व्यक्त की गई है। उन्नाव जिले में अगले 24 घंटों के दौरान रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ठंडी हवाएं चलने से तापमान में मामूली गिरावट आएगी, हालांकि उमस बनी रहेगी।
फर्रुखाबाद जिले में आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। वहीं कन्नौज जिले में तेज हवाओं के साथ शाम के बाद गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, जिससे मौसम सुहावना हो सकता है। औरैया जिले में छिटपुट वर्षा और गरज वाले बादल बनने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार दिन में तेज धूप नहीं निकलने के बावजूद उमस का स्तर 60 प्रतिशत से अधिक बना रहेगा।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग की ओर से सलाह दी गई है कि बारिश या बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। किसानों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए फसलों में कीटनाशकों का छिड़काव एवं सिंचाई कार्य करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि धूप निकलने पर उमस और गर्मी में और बढ़ोतरी हो सकती है।






