दि ग्राम टुडे,


हरदोई। स्वतंत्रता दिवस के गौरवपूर्ण अवसर से पूर्व राजकीय कृषि महाविद्यालय, हरदोई में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। माननीय कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता के निर्देश पर आयोजित यात्रा में महाविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लेकर निकले विद्यार्थियों ने देशभक्ति के नारों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।



तिरंगा यात्रा के पश्चात विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विचार गोष्ठी आयोजित हुई। अधिकारियों, शिक्षकों एवं छात्रों ने विभाजन की त्रासदी, उसके मानवीय प्रभाव और उससे मिलने वाली सीख पर अपने विचार रखे।

महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. सी.एल. मौर्य ने कहा कि तिरंगा केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि एकता, अखंडता, त्याग और देशभक्ति का प्रतीक है। वहीं विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत की पीड़ा को याद करने का दिन नहीं, बल्कि उससे सीख लेकर बेहतर और एकजुट भारत के निर्माण का संकल्प लेने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी को याद करने का उद्देश्य किसी समुदाय, धर्म या व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर भविष्य को सुरक्षित बनाना है। समाज में नफरत, अफवाह, पूर्वाग्रह और असहिष्णुता बढ़ने के परिणाम कितने विनाशकारी हो सकते हैं, इतिहास इसका साक्षी है।
गोष्ठी में विविधता में एकता को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा गया कि धर्म, भाषा, जाति, क्षेत्र और विचारों की भिन्नता के बावजूद सबसे पहले हम भारतीय और मानव हैं।
कार्यक्रम में विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले तथा अपने घर-परिवार से बिछड़ने वाले ज्ञात-अज्ञात पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही नफरत के स्थान पर संवाद, विभाजन के स्थान पर एकता और हिंसा के स्थान पर मानवता को अपनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि अतीत को भुलाना नहीं, बल्कि उससे सीखना ही सशक्त भारत की दिशा में सबसे मजबूत कदम है। जब तिरंगा एकता का प्रतीक बनकर हर हाथ में लहराता है, तभी राष्ट्र की शक्ति और संकल्प दोनों दिखाई देते हैं।






