पत्रकारिता के पुरोधा सुरेश त्रिवेदी को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि, जर्नलिस्ट क्लब में उमड़ा जनसैलाब; काव्य गोष्ठी में गूंजे संवेदना और सरोकार के स्वर

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दि ग्राम टुडे,कानपुर। निष्पक्ष, निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर रहे वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय सुरेश त्रिवेदी की स्मृति में रविवार को अशोक नगर स्थित हिंदी पत्रकार भवन में कानपुर जर्नलिस्ट क्लब द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

श्रद्धांजलि सभा में शहर के वरिष्ठ, युवा और विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े सैकड़ों पत्रकारों, साहित्यकारों एवं गणमान्य नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। पूरे सभागार में शोक, सम्मान और स्मृतियों का ऐसा वातावरण था, जहां हर वक्ता ने सुरेश त्रिवेदी के व्यक्तित्व, कृतित्व और पत्रकारिता के प्रति उनकी अद्वितीय निष्ठा को याद करते हुए उन्हें पत्रकारिता का सच्चा प्रहरी बताया।

वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय सुरेश त्रिवेदी ने पत्रकारिता को कभी व्यवसाय नहीं बनाया, बल्कि उसे जनसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त माध्यम माना। उन्होंने अपने पूरे जीवन में सत्ता, दबाव और प्रलोभनों से ऊपर उठकर सत्य, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी बेबाक लेखनी, स्पष्ट विचार और नैतिक मूल्यों पर आधारित पत्रकारिता आज भी नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
वरिष्ठ पत्रकार कुमार त्रिपाठी ने उनके साथ बिताए वर्षों को याद करते हुए कहा कि सुरेश त्रिवेदी हर परिस्थिति में सच के साथ खड़े रहने वाले पत्रकार थे। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और पत्रकारिता की गरिमा को सर्वोपरि रखा। वहीं वरिष्ठ पत्रकार कैलाश अग्रवाल ने उन्हें मूल्य आधारित पत्रकारिता का प्रतीक बताते हुए कहा कि आज के दौर में जब पत्रकारिता अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय में सुरेश त्रिवेदी के आदर्श और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।
कानपुर जर्नलिस्ट क्लब के महामंत्री अभय त्रिपाठी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सुरेश त्रिवेदी का सपना पत्रकारों के सम्मान, अधिकारों और निष्पक्ष पत्रकारिता को मजबूत करना था। उन्होंने कहा कि कानपुर जर्नलिस्ट क्लब उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए पत्रकारों के हितों की रक्षा और पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।
शेष नारायण त्रिवेदी और वीरेंद्र चतुर्वेदी ने उन्हें पत्रकारिता का क्रांतिवीर बताते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर सत्य और नैतिक मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया। उनके विचार और कार्यशैली हमेशा पत्रकारिता जगत का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
श्रद्धांजलि सभा में स्वर्गीय सुरेश त्रिवेदी के पुत्र मनी त्रिवेदी सहित परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। इस दौरान जी.पी. अवस्थी, विवेक शुक्ला, विनोद मिश्र, अजय त्रिपाठी, मोहम्मद कैफ, विशाल सैनी, पंकज अवस्थी सहित बड़ी संख्या में पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
श्रद्धांजलि सभा के उपरांत कानपुर जर्नलिस्ट क्लब एवं विकासिका संस्था के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कविता, गीत और ग़ज़लों से सजे इस साहित्यिक आयोजन में समाज, राष्ट्र, मानवीय संवेदनाओं और पत्रकारिता के मूल्यों को स्वर मिला। कवियों की ओजपूर्ण और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा।
काव्य गोष्ठी में विनोद त्रिपाठी, प्रदीप श्रीवास्तव, पूर्णिमा बाजपेई त्रिपाठी, शिवकुमार सिंह कुंवर, पी.एस. बाजपेयी और प्रेम स्वरूप तिवारी ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया। कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन प्रतीक्षा तिवारी ने किया, जिसकी सभी ने सराहना की।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित पत्रकारों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों का संकलन नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा, समाज के प्रति उत्तरदायित्व और सत्य की रक्षा का संकल्प है। स्वर्गीय सुरेश त्रिवेदी का संघर्षमय जीवन, निष्पक्ष पत्रकारिता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और जनहित के लिए समर्पित व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ बना रहेगा।

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