*प्रणय साहित्यिक दर्पण एकल लाइव आयोजन के अनवरत 370 दिन पूर्ण*
ब्यूरो- अमित मिश्रा
सीतापुर (दि ग्राम टुडे)
साहित्य के क्षेत्र में नित्य प्रगति के पथ पर बढ़ते हुए एक विशेष रिकॉर्ड की ओर अग्रसर संस्था “प्रणय साहित्यिक दर्पण” काव्य~कला का अनूठा संगम (भारत सरकार द्वारा पंजी. संस्था) द्वारा आयोजित फेसबुक एकल लाइव काव्य पाठ की द्वितीय श्रृंखला का आयोजन 02 जुलाई 2025 से निर्बाध रूप से अनवरत चल रहा है। 02 जुलाई से शुरू किए गए इस आयोजन का 01 जुलाई 2026 को सफलता पूर्वक 1 वर्ष पूर्ण हो जाने के उपरांत आयोजन अभी भी अनवरत रूप से जारी है । इस लाइव काव्य पाठ का आयोजन संस्था के संस्थापक/ रा. अध्यक्ष प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव “प्रणय” (सीतापुर उत्तर प्रदेश) के निर्देशन में संचालित होता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव प्रणय के अनुसार यह आयोजन आगामी वर्ष में पूर्व की भांति अनवरत जारी रहेगा । राष्ट्रीय संयोजक बशिष्ट नारायण सिंह (ग्रेटर नोएडा वेस्ट) व कार्यक्रम आयोजिका मंजरी श्रीवास्तव गाजियाबाद का विशेष सहयोग अनवरत प्राप्त हो रहा है। इसके पूर्व कार्यक्रम आयोजिका के रूप में निशा बुधे झा निशामन जयपुर राजस्थान का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। इस आयोजन में प्रतिदिन एक कवि/कवयित्री द्वारा पटल पर अपनी श्रेष्ठतम रचनाओं के साथ 40~45 मिनट तक काव्य पाठ किया जाता है। दर्शक के रूप में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेकों कवि/ कवयित्री अपनी शानदार स्नेहपूर्ण टिप्पणियों के द्वारा प्रतिभागी रचनाकार का उत्साहवर्धन करते हैं। देश के विभिन्न क्षेत्रों से अनेक प्रतिष्ठित विद्वान रचनाकार अपनी शानदार प्रस्तुतियों से आयोजन को सुशोभित करते हुए भव्यता प्रदान कर चुके हैं।
प्रणय साहित्यिक दर्पण द्वारा पिछले वर्ष भी एकल लाइव काव्य पाठ की श्रृंखला में 101 दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक किया जा चुका है। एकल काव्य पाठ की द्वितीय श्रृंखला में यह सिलसिला 02 जुलाई 2025 से अनवरत जारी है। आज 07 जुलाई 2026 को अब तक 370 प्रतिभागियों द्वारा अपना काव्य पाठ पूर्ण किया जा चुका है। संस्था द्वारा सभी प्रतिभागी कवि मित्रों को “प्रणय दीप सम्मान” से सम्मानित किया जा चुका है । संस्था द्वारा वरिष्ठ कवि/ कवित्रियों के साथ-साथ नवांकुरों को भी काव्य पाठ के लिए ससम्मान अवसर प्रदान किया जाता है। इस आयोजन के अतिरिक्त अन्य कई प्रकार के आयोजन भी संस्था द्वारा लगातार किए जा रहे हैं। हर सोमवार शाम “राष्ट्रीय साप्ताहिक काव्य गोष्ठी” के साथ-साथ अनेक विभिन्न अवसरों पर राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के आयोजन और प्रातः कालीन “भक्ति ~ सुधा” जैसे विशेष व आकर्षक आयोजनों को निर्बाध रूप से जारी रखना प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव प्रणय का हिंदी के प्रति अथाह प्रेम दर्शाता है।
प्रणय साहित्यिक दर्पण एकल लाइव आयोजन के अनवरत 370 दिन पूर्ण*
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