


दि ग्राम टुडे,प्रतापगढ़। “नमस्ते प्रतापगढ़” के तत्वावधान में आयोजित ‘नारी अस्मिता महाशिखर सम्मेलन-2026’ महिला सशक्तिकरण, सामाजिक चेतना और नारी सम्मान को समर्पित एक ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय आयोजन बनकर उभरा। सम्मेलन में महिलाओं के अधिकार, आत्मसम्मान, सामाजिक भागीदारी और समान अवसर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी को सशक्त राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।



कार्यक्रम की सफलता के लिए पूरे एम.बी.सी. परिवार की मेहनत और विशेष रूप से आदरणीय रामसजीवन भाई साहब के अथक प्रयासों की सराहना की गई। उपस्थित लोगों ने आयोजन को प्रतापगढ़ के इतिहास में एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह सम्मेलन केवल विचारों के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच और समान अधिकारों की भावना को नई दिशा देने का माध्यम बना।

सम्मेलन में शामिल साहित्यकार एवं कवयित्री आराधना पी. मौर्य (लखनऊ) ने अपने संदेश में कहा कि इस आयोजन में सहभागिता करना उनके लिए एक अनूठा और प्रेरणादायक अनुभव रहा। उन्होंने आयोजन की भव्यता और उद्देश्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सम्मेलन महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के संघर्ष को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने पूरे एम.बी.सी. परिवार तथा रामसजीवन भाई साहब को इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी आयोजनों के निरंतर आयोजित होने और नए कीर्तिमान स्थापित करने की आशा व्यक्त की।

सम्मेलन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब तक महिलाओं को समाज में समान अधिकार, सम्मान और अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक एक समतामूलक और सशक्त समाज की परिकल्पना अधूरी रहेगी। आयोजन अपने पीछे प्रेरणा, जागरूकता और सामाजिक बदलाव की ऐसी अमिट छाप छोड़ गया है, जो आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रेरणा का कार्य करेगी।






