
दि ग्राम टुडे,वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को वाराणसी में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति, कानून-व्यवस्था तथा आगामी श्रावण मास की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए तथा कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं के मामले में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के सभी कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए जिन सड़कों की खुदाई की गई है, उनकी मरम्मत तत्काल कराई जाए, ताकि आम नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने वाराणसी में संचालित महत्वाकांक्षी परियोजनाओं, जिनमें रोप-वे, एकीकृत मंडलीय कार्यालय, यूनिटी मॉल सहित अन्य विकास कार्य शामिल हैं, की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।
आगामी श्रावण मास को देखते हुए मुख्यमंत्री ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काशीवासियों के दर्शन के लिए अलग मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे स्थानीय लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही भी सुचारु रूप से संचालित हो सके।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग तथा विद्युत विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन विभाग और रेलवे प्रशासन के साथ भी बेहतर तालमेल स्थापित करने पर बल देते हुए कहा कि भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी विभागों को संयुक्त रूप से कार्य करना होगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि श्रावण मास में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, खोया-पाया केंद्र, स्वास्थ्य सेवाएं, आपदा प्रबंधन, निःशुल्क लॉकर तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखा जाए और होटल, रेस्तरां, धर्मशालाओं तथा बस स्टैंडों पर मनमाने शुल्क की वसूली पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की विशेष सतर्कता बढ़ाने, नियमित गश्त करने तथा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी प्रत्येक छह माह में रोटेशन के आधार पर बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कार्यकुशलता बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को पैदल गश्त बढ़ाने, आम जनता के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार करने तथा गो-तस्करी, अवैध शराब तस्करी और अन्य संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने आईजीआरएस तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्ता एवं तथ्यों के आधार पर त्वरित और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित से जुड़े प्रत्येक कार्य में जवाबदेही, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।






