अमित मिश्रा
सीतापुर (उत्तर प्रदेश) स्थित सतलोक आश्रम महोली में आयोजित तीन दिवसीय परमेश्वर क़बीर साहेब जी के 629 वे प्रकट दिवस पर का आज दूसरा दिन समाज सेवा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सुधार के प्रेरणादायक संदेश के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और सामाजिक व आध्यात्मिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आज के मुख्य आकर्षणों में 70 यूनिट रक्तदान तथा 30 दहेज मुक्त रमैनी विवाह प्रमुख रहे। संत रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान से प्रेरित होकर ये विवाह पूर्ण सादगी, बिना किसी आडंबर और बिना दहेज के संपन्न कराए गए, जिसने समाज को दहेज प्रथा जैसी कुरीति को त्यागने का प्रेरणादायक संदेश दिया।
रक्तदान शिविर में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मानव सेवा की भावना से रक्तदान कर जरूरतमंदों के प्रति अपना योगदान दिया। आश्रम प्रबंधन ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनकल्याण की दिशा में सराहनीय पहल बताया।
इसी दौरान आश्रम परिसर में विशेष आध्यात्मिक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें क़बीर साहिब जी धरती पर कैसे प्रकट हुए और कैसे नीरू और नीमा को मिले प्रदर्शनी के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान से अवगत कराया गया, जिसे देखकर सभी ने गहरी रुचि दिखाई।
साथ ही अन्नपूर्णा मुहिम के तहत निर्धन वर्ग आवास सेवा का मॉडल भी प्रदर्शित किया गया। इन आकर्षक मॉडलों को देखकर उपस्थित श्रद्धालु अत्यंत प्रभावित और आकर्षित नजर आए। प्रदर्शनी ने समाज सेवा एवं मानव कल्याण के प्रति आश्रम की सोच को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान समाज से नशा, भ्रष्टाचार, जाति-पाति भेदभाव और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संदेश दिया गया। विशाल सत्संग एवं आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य और सामाजिक जागरूकता पर प्रकाश डाला गया।
श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण कर आध्यात्मिक वातावरण का लाभ उठाया। आश्रम परिसर में सेवा, अनुशासन और स्वच्छता का उत्कृष्ट वातावरण देखने को मिला।
अतः आपसे भी निवेदन है कि आप सतलोक आश्रम वेदखेड़ी अवश्य पधारें, सत्संग का लाभ लें और प्रसाद ग्रहण कर इस पावन आयोजन का हिस्सा बनें।






