14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाएं जय हो हिंदी
वर्षभर प्रतिदिन हिंदी का सम्मान बढ़ाएं, हिंदी दिवस मनाए , जय हो हिंदी।
हिंदी मेरी मातृभाषा है मेरा अभिमान ,जय हो हिंदी।
सनातन धर्म संस्कृति ,हिंदुस्तान की पहचान है हिंदी।
वेद -पुराण- उपनिषद- साहित्यिक ग्रंथों का सम्मान है हिंदी।
भारत का गौरव ,आन -बान- शान है हिंदी।
मातृभूमि हिंदुस्तान का गुणगान है हिंदी।
देवभाषा संस्कृत की पुत्री, महान है हिंदी।
देवनागरी लिपि में लेखन करती, मातृभाषा हिंदी ।
विदेशी 137 विश्वविद्यालय में, पढ़ाई जा रही है हिंदी ।
40 देशों में, प्रचलन में शान बढ़ा रही है हिंदी ।
विशाल शब्दकोश कलेवर से शोभित है हिंदी ।
लिखने और उच्चारण वर्तनी में साम्य रखती है हिंदी ।
ध्वनि विज्ञान आधार पर ,सुंदर वर्णमाला से सजी है हिंदी।
प्रौद्योगिकी तकनीक में भी, पारंगत हो गई है हिंदी।
ऋषियों -कवियों -साहित्यकारों की, सदियों से प्यारी है हिंदी ।
छंद ,अलंकार ,नौ रस ,वात्सल्य रस में सृजन करती है अलबेली हिंदी।
तुलसीदास ,सूरदास, कबीर ,विद्यापति , असंख्य कवि, साहित्यकारों की वाणी है हिंदी ।
गागर में सागर सा ज्ञान समाये है हिंदी।
हिंदी दिवस 14 सितंबर और विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी के साथ, हर दिन राष्ट्रभाषा -राजभाषा का सम्मान पाए हिंदी ।
मेरी भाषा है मेरा अभिमान ,हिंदी से गूंजे सारा विश्व और हिंदुस्तान ,जय हो हिंदी।
जय हिंदी -जय हिंदुस्तान – जय हिंद-जय हिंदी ।
रचयिता
डॉक्टर शशिकला अवस्थी इंदौर मध्य प्रदेश
रचना स्वरचित और मौलिक है।






