महोली/सीतापुर। प्रज्ञानंम सत्संग आश्रम महोली में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस भक्तों ने कथा का रसपान किया। कथा व्यास अनंत विभूषित परम श्रद्धेय महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती ने भगवान की भक्ति, आस्था और गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि ईश्वर को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति के मन में सच्ची आस्था एवं श्रद्धा का होना आवश्यक है। गुरु के बिना ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है। मनुष्य को अपने जीवनकाल में गुरु अवश्य करना चाहिए, क्योंकि गुरु ही उसे परमपिता परमात्मा तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महामंडलेश्वर ने कहा कि गुरु भगवान तक पहुंचने का माध्यम हैं। जिस व्यक्ति के जीवन में गुरु का सानिध्य और मार्गदर्शन होता है, वह कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए भवसागर को पार कर सकता है। गुरु के बताए मार्ग पर चलने से मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है और उसे सही दिशा प्राप्त होती है।
कथा के दौरान आश्रम में भक्तिमय वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया और भगवान की भक्ति में लीन रहे।
इस अवसर पर मुख्य यजमान समाजसेवी अवधेश वर्मा, डॉ. रेनू वर्मा, सीमा मिश्रा, मीनू शुक्ला, सीमा सक्सेना, शिवी शुक्ला, शिखा मिश्रा, पत्रकार रविंद्र सक्सेना सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।






