ब्रह्म

Date:

कहते हैं संसार नश्वर है

जीव मनुष्य सदा नष्ट,

होने वाले ही हैं!!

कोई भी स्थाई नहीं,

क्षणभंगुर है!!

परमात्मा नए रंग रूप देकर

धरती पर हमें भेजते है!!

हम सब भी ईश्वर का रूप है

आत्मा से परमात्मा को,

साधा जा सकता है!!

प्राप्त किया जा सकता है

अध्यात्म में यही एक सत्य है!!

आध्यात्म ही ऐसा मार्ग है

जिस पर चलकर मनुष्य को

ईश्वर प्राप्ति संभव है!!

सबके घट में एक ही

ब्रह्म निहित है…!!

 

स्वरचित- राजीव त्रिपाठी

उदयपुर राजस्थान

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

लेटेस्ट खबरें

गांव-समाज की खबरें
Related

स्मृतियों का तर्पण

आँगन में फिर धूप उतरी है, यादों की पगडंडी से...

अद्भुत इतिहास यह भी कि 

चालीस साल से पूरी रात जाग रहे, डॉ रामशंकर...

बड़े,,सचमुच बड़े होते है 

जीवन में यहां सदा महसूस किया झाबुआ गेल लिमिटेड गेलर...

विश्वास की जीत

जीवन हमें कब किस मोड़ पर लाकर खड़ा कर...