Shiveshwer pandey

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नवगीत

मशीनों के जंगल में मुखड़ा कल की नस में आज बहे, मन का अपना रक्त रहे, मशीनों के जंगल में भी मन का एक वृक्ष रहे।   नीली-नीली स्क्रीनें हों, खिड़की पर...

कैसे धरम निभाऊँ अपना

कैसे धरम निभाऊँ अपना, गृह कारज नाना जंजाला। मन चाहे प्रभु-पद लेकिन, चढ़ा हुआ है मोह का जाला।।   भोर भये तो काम बुलावै, साँझ पड़े खूब...

गुरु वशिष्ठ गुरुकुल

*गुरु वशिष्ठ गुरुकुल, चुनार (मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश) - एक विस्तृत लेख*   *लेखक - आचार्य धीरज याज्ञिक के अवलोकन में, प्रेरणा - महर्षि वशिष्ठ*   *प्रस्तावना - प्राचीन...

खिड़की के पार

खिड़की के उस पार..., कुछ यादें धुंधली सी ठहरी हैं, जैसे -तेरे आँखों की नमी, जो अब भी हवाओं में बिखरी हुई है, खिड़की पर जब भी बारिश...

साधना वाणी’ पत्रिका का भव्य विमोचन सम्पन्न

साधनावादी सूत्रधार न्यास के तत्वावधान में आयोजित हुआ गरिमामय साहित्यिक समारोह   साधनावादी साहित्य की वैचारिक यात्रा को एक नई दिशा प्रदान करने वाली ‘साधना वाणी’...

Breaking

सांड के हमले में युवक की मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम

  महोली, सीतापुर। कोतवाली महोली क्षेत्र के ग्राम सरियामऊ में...

कुछ रिश्ते आवाज नहीं करते

कुछ रिश्ते आवाज़ नहीं करते फिर भी उम्र भर सुनाई...

कितने नाम बदलता है

दादा बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया। सब पैसे का खेल...

वाह री! संतान आज की 

जिस माँ ने आँचल में रखकर, दुनिया उसे दिखाई थी। हर...
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