विविध

हम रिटायर्ड हैं टायर्ड नहीं

भाई देखो “लातों के भूत बातों से नही मानते”, यह एक कहावत सुनते आये हैं हम बचपन से।   द्वापर में जब काम न चलता था तीरों और...

कुण्डलिया मारे आँख बसंत

कुण्डलिया मारे आँख बसंत है , शर्मायी कचनार । तन -मन आनंदित हुआ , भीगा - भीगा प्यार।। भीगा - भीगा प्यार , हुआ परिवेश रुपहला। दिल...

शोभा श्री बाल स्वरूप

श्री कृष्ण,श्री कृष्ण हरे मुरारे! हे नाथ नारायण वासुदेवा! कानन कुण्डल मकराध्वज राजे, कांधे पीताम्बर अद्भुत साजे,   शीश मुकुट संग मोरपखा है, गल बैजन्ती माला डोलत, अधरान मधुर मुरलिया बाजे। श्री...

सपनों का आकाश: विज्ञान कथा की दुनिया’

विज्ञान कथा (सायंस फिक्शन) साहित्य और सिनेमा की वह अनूठी विधा है जो विज्ञान की संभावनाओं, भविष्य की तक़नीकों और अकल्पनीय दुनियाओं की सैर...

केवट की भक्ति

गंग-तरंगों पर उस दिन, अद्भुत प्रभात उतर आया, वनवासी वेश में राम खड़े थे, जग ने प्रभु को न पाया।   केवट ने देखा राम को, अंतर...

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