जीवन में यहां सदा महसूस किया
झाबुआ गेल लिमिटेड गेलर में दस्तक देते हुए मुझे करीब पन्द्रह साल से अधिक समय हो गया हिंदी भाषा पर कार्यशाला में जाता रहा हूं सैंकड़ो बार आज भी उम्र के 70 साल में कहीं नहीं आता केवल यहां जाते हैं वजह केवल यह है कि बात मेरी हिन्दी की है, वजह यह है कि यहां सुना जाता है सभी गेल लिमिटेड अधिकारियों द्वारा पूरी निष्ठा से आदर से , वजह यह है कि बड़े लोग क्या हैं यह सत्य यही महसूस होता हैं इतनी सादगी और सम्मान लिए मुझ नाचीज़ फकीर को सम्मान आदर करते हुए सदा ही सुन कर गर्व महसूस करते हैं सभी और एक सही व्यक्ति को क्या चाहिए एक असली साहित्य साधक को बस यही चाहिए कि उसे समझा जाय सुना जाय
इन सालों में पांच, छह महा प्रबंधक देखे और अनेक अनेक यही पर बड़े बड़े पद पर विराजमान एक दम सहज सरल व्यकित्व और सादगी लिए इंसानों को देखा
यह होता हैं बड़प्पन और सचमुच बड़े होने की पहचान यह है न्यू महा प्रबंधक अलबर्ट सोरेंग जी बिहार से आए पहली मुलाकात आत्मीय जैसे अच्छे से जानते हैं पूरे सम्मान और आदर भाव लिए दिखाई देते हैं
काश दुनिया में सभी लोग समझे बड़ा किसे कहते है वह नहीं जो बड़ा समझता है वह जिसे पता ही नहीं बड़ा है और सभी मानव मात्र पशु पक्षी सभी प्रणियों के प्रति आदर सम्मान और प्यार होता हैं
प्रणाम करता हूं सभी सम्मानित बड़े बड़े अधिकारियों को जो बड़े होने की जीवंत परिभाषा समेटे हैं
डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश






