कानपुर। लगातार और अनियमित बिजली कटौती से त्रस्त मर्दनपुर गांव के ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। बिजली संकट से नाराज ग्रामीणों ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता ई. आर. के. सिंह को ज्ञापन सौंपकर तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि MSKP ग्रामीण फीडर से जुड़े क्षेत्र में शासन द्वारा निर्धारित 18 घंटे की विद्युत आपूर्ति भी नियमित रूप से नहीं मिल रही है। बिना किसी पूर्व सूचना के दिन-रात बिजली काटे जाने से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों, महिलाओं, किसानों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि फरवरी 2026 तक बिजली कटौती का समय निर्धारित था, जिससे लोग अपने दैनिक कार्यों की योजना बना लेते थे। लेकिन इसके बाद से बिना किसी तय समय के बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, पेयजल संकट गहराता जा रहा है और घरेलू कार्यों के साथ-साथ छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं। भीषण गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का जीवन बेहाल हो गया है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि अनियमित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए, पूर्व की भांति निर्धारित समय के अनुसार ही विद्युत आपूर्ति बाधित की जाए तथा MSKP ग्रामीण फीडर को शहरी (अर्बन) फीडर में परिवर्तित किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सके।
इस ज्ञापन पर शिव नारायण विश्वकर्मा, गुड़िया, सतीश शर्मा, गुड्डू, कृपा शंकर रावत, अभिषेक सरोज, महावीर प्रजापति, अनिल पाल सहित अनेक ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि विद्युत विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करेगा।
बिजली नहीं, बदहाली मिल रही है’— मर्दनपुर के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, MSKP फीडर को अर्बन घोषित करने की मांग
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