गांधीजी-लालबहादुर शास्त्री जयंती

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2 अक्टूबर को दो जन्म जयंती मनाते, जन्मे भारत माता के दो लाल।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री भारत माँ के लाल।

2 अक्टूबर 1869 को जन्मे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी- पोरबंदर गुजरात में, ऊंचा किया भारत का भाल।

अहिंसा, सत्य के पुजारी ने सत्याग्रह आन्दोलन कर, स्वाधीनता संग्राम में किया कमाल। आजादी ,देश को दिलाई बिना खडग -तलवार ,बिना ढाल । स्वदेशी आंदोलन ,असहयोग आंदोलन ,सत्याग्रह नमक कानून तोड़ो आंदोलन -दांडी यात्रा विशाल।

,करो या मरो ,नारा दिया राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का दिव्य योगदान, आजाद हुआ भारत ,ऊचा हुआ भाल ।

30 जनवरी 1948 को हुआ स्वर्ग गमन, वो थे भारत माता के सच्चे लाल।

लाल बहादुर शास्त्री जी जन्मे 2 अक्टूबर 1904 को , मुगलसराय, बनारस -उत्तर प्रदेश में ,भारत माता के लाल ।

पिता थे शिक्षक, गरीबी में पढे़, पिता का हुआ देहांत, ननिहाल में पले देश के नौनिहाल ।

उपनाम था श्रीवास्तव ,काशी से पढ़कर शास्त्री उपाधि पाई, अपनाया उपनाम ‘शास्त्री’ हृदय विशाल।

17 वर्ष की आयु से स्वाधीनता संग्राम में, गांधी जी के साथ जुड़े, किया कमाल ।

कई बार गए जेल ,देश की आजादी में कार्य किए बेमिसाल ।

देश आजाद हुआ तब रेल मंत्री बने, प्रधानमंत्री नेहरू के बाद ,

,द्वितीय प्रधानमंत्री बने ,शास्त्री जी थे बेमिसाल।

वे अपना पूरा वेतन भी नहीं लेते थे, न बनाया भवन खुद का ,न हुए मालामाल।

देश में अनाज की कमी पर श्वेत क्रांति का किया आगाज ,

1965 में पाकिस्तान को दिलाई करारी हार, किया कमाल।

कहलाए भारत माता के सच्चे लाल, नारा दिया

‘जय जवान जय किसान’ देश के दुश्मनों का तोड़ा जाल।

ताशकंद समझौते के लिए गए रुस, हुआ देहांत अकाल ।

दोनों महापुरुषों की की जन्म जयंती 2 अक्टूबर पर कोटि-कोटि नमन,

अर्पित श्रद्धा सुमन, वो दोनों थे भारत माता के सच्चे लाल।

रचयिता

डॉक्टर शशिकला अवस्थी इंदौर मध्य प्रदेश

रचना स्वरचित और मौलिक है।

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