ग्रामीण सेवा शिविर में जिला उद्योग केंद्र ने प्रशिक्षणार्थियों को बांटे कौशल प्रमाण पत्र, 22 विभागों ने दी सेवाएं
राजलौता/भेरूंदा। राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर अभियान के तहत ग्राम पंचायत राजलौता में सोमवार को ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 22 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया।
शिविर में उपखंड अधिकारी मूलचंद लूनिया, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, सहायक विकास अधिकारी नंदकिशोर टाक, प्रशासक रामदेव साहू, पूर्व मंडल सदस्य ओमप्रकाश दायमा, महिला पर्यवेक्षक रीना रायका, सांख्यिकी अधिकारी बबली मेघवाल, ग्राम विकास अधिकारी अशोक चौधरी, कनिष्ठ सहायक कैलाश प्रजापत, रामरतन, गणपत साई, पटवारी राजकमल चौयल, तुलसीराम खिलेरी, प्रधानाचार्य सुखबीर सिंह, चिकित्सा विभाग से पार्वती रावत, आयुर्वेद विभाग से राजू, पशुपालन विभाग से जिवेंद्र जीणा, वन विभाग से राजूराम, ऊर्जा विभाग से गोपालराम, बैंक से जितेंद्र पारीक, सार्वजनिक निर्माण विभाग से पूनाराम, राजीविका विभाग से चंद्रकला एवं सुनीता, परिवहन विभाग से वीर सिंह राठौड़, किसान मोर्चा अध्यक्ष राम पूनिया, ठेकेदार संघ अध्यक्ष शंकरजी, रामनाथ पूनिया, मजदूर संघ अध्यक्ष गंगाराम खाती, तेजाराम पूनिया, पूनाराम पूनिया, जगन्नाथ, हनुमान गोदारा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान पात्र परिवारों को गृह स्वामित्व पट्टों का वितरण किया गया। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा नन्हीं बच्चियों का जन्मोत्सव भी मनाया गया।
जिला उद्योग केंद्र द्वारा 20 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिविर की यह प्रमुख उपलब्धि रही। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थियों को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला उद्योग केंद्र की इस पहल की सराहना करते हुए इसे रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
राजस्व विभाग में 15 शुद्धिकरण, 13 नामांतरण एवं एक बंटवारा प्रकरण का निस्तारण किया गया। करीब 20-25 वर्ष पुराने बंटवारा विवाद का भी समाधान कराया गया। इसके अलावा 20 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, दो किसान आईडी (Farmer ID) तथा 10 जाति प्रमाण पत्र जारी किए गए। आपसी समझाइश से सीमांकन संबंधी एक महत्वपूर्ण विवाद का भी मौके पर समाधान किया गया।
चिकित्सा विभाग द्वारा 250 से 300 मरीजों की ओपीडी की गई। इस दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह के मरीजों की जांच, गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण किया गया। वहीं आयुर्वेद विभाग ने करीब 50 मरीजों की ओपीडी कर विभिन्न बीमारियों के लिए निःशुल्क औषधियों का वितरण किया।
ग्रामीणों ने शिविर में विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ उठाते हुए राज्य सरकार की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना की।







