दादा- दादी प्यार लुटाते देना उनको मान।
स्नेह सदा उनसे मिलता ये उनकी पहचान।।
दादा- दादी सीख सदा कहानी सुनाकर देतीं।
फिर पूंछें बेटा इस कहनी से क्या लेतीं।।
परिवार जोड़ कर सदा ही रखते
वंश आगे बढ़े दुआ हरदम यह कहते।।
इनसे ही घर का हर कौना लगता स्वर्ग समान।
इनके रहने से मिलता खुशियों का ईनाम।।
आओ इनके संग बितायें हॅसते गाते पल।
इनके अनुमव अमिट सदा है सीख समस्या हल।।
दादा- दादी सदा सुखी रहें यही हमारी कामना।
इनकी खुशियों से महके सबकी सुन्दर भावना।।
डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण
छतरपुर मध्यप्रदेश






