महोली, सीतापुर। विकास क्षेत्र के ग्राम घर का तारा में पिराई नदी की बाढ़ की चपेट में आए ग्रामीणों को पानी कम होने से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन कई परिवारों की मुश्किलें अभी भी कम नहीं हुई हैं। बाढ़ का पानी झोपड़ियों में घुस जाने के कारण कुछ परिवारों को खुले आसमान के नीचे सड़क किनारे रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्राम शरबतपुर निवासी कामता अपनी जमीन पर झोपड़ी डालकर जीवन यापन कर रहे हैं। वहीं प्रदीप अपनी पत्नी प्रतिभा और चार वर्षीय बेटे दिव्या के साथ झोपड़ी में रह रहे हैं। बाढ़ का पानी झोपड़ी में घुसने के बाद उनका परिवार सड़क पर रहने को मजबूर हो गया है।
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है। प्रभावित परिवारों को राशन, भोजन और पानी सहित आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, इन परिवारों का कहना है कि उन्हें अभी तक प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
बताया जा रहा है कि इन परिवारों के नाम आवास योजना की सूची में शामिल हैं, इसके बावजूद अभी तक उन्हें आवास का लाभ नहीं मिला है। ऐसे में बाढ़ की मार झेल रहे इन परिवारों के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
अब इन परिवारों की निगाहें प्रशासन की ओर टिकी हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही आवास योजना का लाभ मिलेगा और उन्हें सड़क किनारे जीवन बिताने की मजबूरी से निजात मिल सकेगी। यह इंतजार कब खत्म होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा।






