
दि ग्राम टुडे,कानपुर। राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा संचालित “शक्ति और सुरक्षा : एडवांसिंग जेंडर-सेंसिटिव पुलिसिंग” अभियान के अंतर्गत कानपुर स्थित सर्किट हाउस में दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय तक उनकी त्वरित एवं प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस व्यवस्था को अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनाना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने महिलाओं से संबंधित मामलों की जनसुनवाई करते हुए कुल 61 प्रकरणों की सुनवाई की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले का शीघ्र, निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा पीड़ित महिलाओं को समयबद्ध न्याय मिलना चाहिए।

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जेंडर-सेंसिटिव पुलिसिंग, पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण, संवेदनशील व्यवहार, निष्पक्ष विवेचना तथा महिलाओं से जुड़े मामलों के प्रभावी निस्तारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस का संवेदनशील व्यवहार महिलाओं का विश्वास बढ़ाने और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान, पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल, आईजी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन सुभाष चन्द्र दुबे, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) संकल्प शर्मा सहित पुलिस एवं प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराते हुए वूमेन पावर लाइन 1090 के व्यापक प्रचार-प्रसार और महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष बल दिया गया।






