राष्ट्रीय वन शहीद दिवस,
यह जान कर प्रसन्नता होती है कि जागरूकता फैलाई जा रही वन दिवस के ऊपर,
कैसे पेड़ों को काट काट कर बन
को व्यथित किया गया,
मोटे मोटे पुराने वृक्षों के जड़ों ने
कैसा रोना शुरू किया,
क्यों दर्द हमको दे रहे हो,
क्यों हरे भरे पेड़ों को तुम
काट रहे हो यह जंगल के
शहंशाह है इन्हें क्यो तुम
उजाड़ रहे हो,
ताजी हवा अच्छी ऑक्सीजन
तुम्हें मिल जाएगी
जीवन की लड़ी तुम्हारी ,
खिल जाएगी,
यह वृक्ष हमारा जीवन है हम इनसे हैं,
इन्हें ना उजाड़ो सुंदर-सुंदर पेड़ लगाओ हरियाली खूब बहार लाओ।।
योगेश्वरी भारद्वाज
कोसी कलां मथुरा उत्तर प्रदेश






