मातृभूमि हित मरने वाले
वीरो! तुम्हें प्रणाम।
दुश्मन के मुख पर पहना दी
तुमने कठिन लगाम।
चाहे हों अंग्रेज, चीन हो,
चाहे पाकिस्तान।
नहीं रुका है,नहीं झुका है,
अपना हिंदुस्तान।
प्राण गँवाये मात न खायी
जीते सब संग्राम।
आँख उठाने वाला हम पर
आज न कोई देश।
दिया विश्व को तुमने अपने
साहस का संदेश।
संविधान पहचान हिंद की
तुम वीरों के नाम।
वीर शहीदों! श्रीचरणों में
नतमस्तक हम आज।
गौरव,मान देश का तुम हो,
तुम भारत के ताज।
गीता,बाइबल तुम कुरान हो,
तुम्ही वेद ऋग्- साम।
भारत-माँ तूने जन्मे हैं
हिम्मत भरे जवान।
जन्मी वीरांगिनि-विदुषी भी
तूने सदा महान।
तू महान है भारतमाता
हे माँ! तुझे प्रणाम।
दुश्मन के मुख पर पहना दी
तुमने कठिन लगाम।
*✒️ डॉ शेषपालसिंह ‘शेष’*
‘वाग्धाम’–11डी/ई-36डी,
बालाजीनगर कॉलोनी,
टुण्डला रोड,आगरा–282006






