जिला संवाददाता बलरामपुर अंकुर मिश्रा
श्रीदत्तगंज, बलरामपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीदत्तगंज में शुक्रवार 22 अगस्त को सर्पदंश के एक संदिग्ध मामले में त्वरित चिकित्सकीय कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति अज्ञात सर्प के काटने की आशंका के साथ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा।
सीएचसी पर तैनात चिकित्सकों ने तत्काल मरीज का चिकित्सकीय परीक्षण एवं आवश्यक जांच की। जांच के दौरान मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर पाई गई। चिकित्सकों के अनुसार मरीज में सर्प विष के प्रभाव का कोई स्पष्ट लक्षण नहीं मिला। विशेष रूप से 20 मिनट Whole Blood Clotting Test (20WBCT) की जांच सामान्य पाई गई।
चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर तत्काल Anti-Snake Venom (ASV) देने की आवश्यकता नहीं समझी गई। मरीज को प्राथमिक उपचार देने के बाद चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। साथ ही परिजनों को सर्पदंश के बाद दिखने वाले संभावित चेतावनी संकेतों जैसे सूजन, दर्द बढ़ना, उल्टी, धुंधला दिखना, सांस लेने में कठिनाई आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि किसी भी बदलाव पर तुरंत चिकित्सक को सूचित किया जा सके।
इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने आम जनमानस से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में बिल्कुल भी न घबराएं और बिना समय गंवाए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल पहुंचें। उन्होंने कहा कि हर सांप जहरीला नहीं होता और हर काटने में जहर शरीर में नहीं जाता।
उन्होंने लोगों को झाड़-फूंक, झोलाछाप डॉक्टरों और अप्रमाणित उपचार से बचने की सलाह दी। समय पर सही जांच और उपचार से ही जान बचाई जा सकती है।






