
दि ग्राम टुडे,
कानपुर/सुल्तानपुर। प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर सुल्तानपुर जिले की बेटी कंचन यादव ने एक नई मिसाल कायम करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की पीजीटी (प्रवक्ता) परीक्षा में सातवीं रैंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ संस्कृत प्रवक्ता पद पर चयन होने से परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

सुल्तानपुर जनपद के भदैया ब्लॉक अंतर्गत सिमरी पुरुषोत्तमपुर गांव निवासी राज नारायण यादव की पुत्री कंचन यादव वर्तमान में कानपुर में रहकर संस्कृत विषय में पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं। उच्च शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी और अपने अथक परिश्रम, अनुशासन तथा लगन के दम पर प्रदेश स्तर पर सातवीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
परिणाम घोषित होते ही परिवार में खुशियों का माहौल छा गया। जैसे ही चयन की सूचना गांव पहुंची, ग्रामीणों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और मित्रों का बधाई देने के लिए तांता लग गया। लोगों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया और कंचन यादव की इस उपलब्धि को पूरे गांव का सम्मान बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि सिमरी पुरुषोत्तमपुर गांव के इतिहास में पहली बार किसी बेटी का चयन इतने प्रतिष्ठित सरकारी पद पर हुआ है। इससे गांव के युवाओं, विशेषकर छात्राओं को नई प्रेरणा मिलेगी कि कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
कंचन यादव की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो संसाधनों की कमी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती। उनकी सफलता शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का उदाहरण बनने के साथ-साथ ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी है।
कंचन यादव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और शिक्षा जगत की सेवा का अवसर है। भविष्य में वे विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहती हैं।
कंचन यादव की इस ऐतिहासिक सफलता पर क्षेत्र के शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी उपलब्धि ने पूरे सुल्तानपुर जिले का गौरव बढ़ाया है और यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ बन गई है।






