जन्म हुआ था भाद्र मास में
शुक्ल पक्ष की अष्ट्मी को ,
कृष्ण की प्यारी -राधा रानी
का…,
बरसाने के वृषभान के घर
और..,बनी,
वृषभान दुलारी -राधा रानी |
प्रेम हुआ श्री राधा जी को ,
कृष्ण और उसकी बंसी से ,
और.,बनी फिर,
कृष्ण की प्यारी -राधा रानी |
दोनों हैं अपूर्ण एक दूसरे के,
करते थे निष्काम प्रेम -वो,
दोनों एक दूसरे से ,
तभी तो नाम दिया था उसने,
बड़े प्यार से *राधा -कृष्ण*,
और बनी फिर जन्म जन्म की,
कृष्ण की प्यारी -राधा रानी.. ||
शशि कांत श्रीवास्तव
डेराबस्सी मोहाली, पंजाब
©स्वरचित मौलिक रचना
18-09-2026






