भारत माँ की आन

Date:

आप और हम दोनों मिलकर, दुश्मन को ललकारें।

राष्ट्र पे अपने जो आँख उठाए,आओ उसको मारें।।

 

भारत माँ की आन बचाने, आगे कदम बढ़ाएँ।

माटी की इस पावनता पर, अपना शीश चढ़ाएँ।।

वीर शहीदों की गाथाएँ, मुख से आज उचारें।

आओ भारत की धरती को, स्वर्ग-समान सँवारें।।

 

जाति-धर्म के भेद भुला, रहें राष्ट्रध्वजा के नीचे।

देश-प्रेम की ज्योति जलाएँ, नहीं आँख हम मींचे।।

सीमा पर जो आँख उठाए, सीधे स्वर्ग सिधारे।

भारत माँ की गरिमा खातिर, हम संकट को टारें।।

 

शांति हमारी प्रथम कामना, प्रेम हमारा नारा।

लेकिन माँ की ओर उठे जो, तोड़े वही दुधारा।।

सत्य, अहिंसा, वीरता लेकर, कर दें वारे-न्यारे।

मातृभूमि की रक्षा खातिर, जीवन हम भी वारें।।

 

शिव की कलम यही कहती, भारत सबसे प्यारा।

मातृभूमि के मान से बढ़कर, नहीं जगत ये सारा।।

राष्ट्रधर्म की राह पकड़कर, जीवन स्वयं सँवारें।

भारत माँ की जय-जय बोलें, हम भी रूप निहारें।।

कविराज डाॅ०-शिवकुमार सिंह ‘शिव’

दुसौंती रायबरेली-२२९३०६

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

लेटेस्ट खबरें

गांव-समाज की खबरें
Related

मानव जीवन अनमोल, व्यर्थ न गवाएं, पंकज जी महाराज

मीरजापुर।जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के संस्थापक संत...

पाक्सो एक्ट को लेकर छात्र-छात्राओं को किया जागरूक

  महोली अमृत विचार :उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन...

विजय सैनी     बाइक सवार गिरने के साथ ई-रिक्शा भी पलटे,...

राशन की दुकान में 11 कुंतल अनाज कम मिला, कार्रवाई के निर्देश

  पिसावां/महोली (दि ग्राम टुडे)। ग्रामीणों की शिकायत पर सोमवार...