आज जन्मदिन है बिटिया रानी का
खुशियों से आँगन हमारा भर जाए,
वर्तिका की प्यारी मुस्कान से
हमारा सारा घर महक जाय
साहित्य की दुनिया से उसको,
गहरा प्रेम निराला है,
कविता पढ़ना, कविता लिखना,
उसका शौक पुराना है।
नए-नए प्रयोग करे वो,
शब्दों को नया आकार दे,
अपनी सुंदर रचनाओं से
साहित्य को नया उपहार दे।
हमारे घर की लाडली है वो
आँखों की वो तारा है,
तेरी हँसी से रोशन होता
घर का हर कोना प्यारा है।
आज भी याद है वो दिन जब
तू झोली में हमारे आई थी,
हमारे देवता के जन्मदिवस पर
खुशियाँ संग संग लेकर आई थी।
ईश्वर तेरी राह में बिटिया
खुशियों के ढेरों दीप जलाए,
भगवान का आशीर्वाद सदा ही
तेरे सिर पर हमेशा छाया रहे
लंबी उम्र मिले तुझे बिटिया
हर सपना तेरा साकार हो,
वर्तिका रानी यूँ ही हँसती रहे तू
हमारे परिवार का तुझ पर आशीर्वाद रहे !
कुलदीप सिंह रुहेला
सहारनपुर उत्तर प्रदेश






