यह भारत का सौभाग्य है की दो दीप एक ही दिन प्रकाशित हुए एक भारत में,
एक लाल बहादुर शास्त्री जिनका 2 अक्टूबर 1904 को जन्म हुआ,
और एक मोहन करमचंद गांधी जो कि बापू के नाम से जाने जाते हैं वह 2 अक्टूबर 1969 को जन्म हुआ,
शास्त्री जी का जन्म मुगलसराय वाराणसी में हुआ,
और बापू का जन्म पोरबंदर गुजरात में बापू का जन्म हुआ,
दोनों ही सरलता की मूरत अहिंसा के पुजारी,
देश भक्ति रग रग में जमी हुई,
मुंशी शारदा प्रसाद रामदुलारी जी कृतज्ञ है, हमारा देश है महान,
तो करमचंद गांधी पुतलीबाई ने बढ़ाई भारत देश की शान,
गांधी जी का नारा था करो या मरो
और शास्त्री जी का नारा जय जवान जय किसान,
2 अक्टूबर को महान पुरुषों की जन्म जयंती का यह ऐसा अवसर होता है,
क्या शांति का संदेश हर किसी के मन में रहता है,
जिनकी वजह से अहिंसा का पथ दिखाया हमने सुना की कलम की ताकत को मजबूत मानते थे यह दोनों ही महान पुरुष,
सत्याग्रह आंदोलन का रास्ता अपनाया तो अंग्रेजों से महान पुरुषों ने शब्दों से ही लोहा बनवाया तभी तो हुकूमत थी अंग्रेजों की बड़े-बड़े महान पुरुषों ने देश के लिए आजाद भारत का ऐसा रास्ता अपनाया,
देश को आजाद इन अंग्रेजों से करवाया,
भारत देश को आजाद बनाया,
सहजता सरलता शास्त्री जी के अंदर कूट-कूट कर भरी थी वह चेहरे की मुस्कान उनकी फुल जड़ी थी,
दोनों ही भारत के इन दो दीप की जयंती पर शत-शत नमन शत-शत नमन।
योगेश्वरी भारद्वाज
कोसी कलां मथुरा उत्तर प्रदेश






