माँ मेरी मादरे वतन तुझपे जीवन निसार।
तू ही मेरी ज़िन्दगी तू ही मेरी बंदगी,
तुझपे जीवन निसार।
हिम से उतरी गंगा, यमुना सरस्वती संगम करें,
सरयू, गोमती,...
जिंदगी की किताब के,
सारे पन्ने जैसे भर चुके थे।
मैं पन्ने पलटती रही,
शब्द खामोश हो चुके थे।
कुछ पन्नों में खुशियां,
कुछ पन्नों में गम था।
कुछ पन्नों...
जय हो! जय हो! जय हो!,श्रीराधा रानी की जय हो।
वृषभानु कुँवारी श्री राधिका,राधा रानी की जय हो।।
भादौं मास शुक्ल पक्ष,तिथि अष्टमी को जन्मीं राधा।
बरसाने...