शिल्प -ज्ञान विज्ञान अपरिमित,
इसके वर्णन का ना है पारावार ।
शिल्प गुरू भारत कहलाता था,
अभिनंदन करता नित संसार ।।
शिल्प देवता विश्वकर्मण अनुपम,
जिनकी महिमा है अथक...
प्रभाती वंदन के साथ गणेश चतुर्थी की अनंत शुभकामनाएंँ एवं हार्दिक बधाई
जगह-जगह मंडप सजे, भक्त करे गुणगान।
विनय करूंँ कर जोड़ के, करिए बुद्धि प्रदान।
आस...
वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच,कर्नाटक इकाई की मासिक काव्य गोष्ठी में भक्तिरस धार बही..सभी हुए मंत्रमुग्ध
वनाकाम,कर्नाटक इकाई की सितंबर माह की आभासी काव्य गोष्ठी रविवार,13सितंबर...
ऋषि मुनि गुरु सद्गुरु ये,दिव्य ज्ञान दिए हैं बड़ भारी।
सत्यपथ चलने वाले को ये,खुशियाँ मिलती हैं सारी।।
देव-देवी ऋषि मुनिजन को,गुरुवर हैं मानें वे आभारी।
ऋषि...