विविध

छंद मुक्त सृजन 

बस आज नहीं , सब दिन हमारा हिन्दी-दिवस, यही हमारी मातृभाषा, फिर हम क्यों हों विवश। वैज्ञानिकता से परिपूरित,देववाणी की तनया, मिठास से भरी हुई,सरल,सुगम समाहित करती...

हिन्दी से ही देश को सजाना चाहिये

हमारा प्यारा भारत साहित्यिक संस्थान द्वारा दिनांक :14 /9 /2026 को आभासी पटल पर *हिन्दी दिवस* के उपलक्ष्य में काव्य गोष्ठी आयोजित की गई।...

अपनी ही छाँव में बेगानी

अपनी ही छाँव में बेगानी: हिंदी दिवस का सच सितंबर का महीना आया, फिर एक दिन का ढोंग रचेगा, मंच सजेंगे, भाषण होंगे, हिंदी का 'सम्मान'...

गणेश चतुर्थी

गूंज रही हर घर आंगन में, गणपति की जयकार। भाद्रपद की पावन बेला, लेकर आई खुशियों की बहार।   रिद्धि सिद्धि संग खुशियां लाए, मां पार्वती के दुलारे। मंगल मूर्ति बनाकर...

अर्पित है हे हिन्दी

हे माँ, गीर्वाणभारती की आत्मजा। स्वीकारे हैं तुम्हें सारे भारत की प्रजा। द्वाविंशति भाषाओं की हो तुम भगिनी। भाषाई सौहार्दता की नित पुष्करणी।   स्वतंत्रता संग्राम में भी रही...

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