चीनी मिल की बंजर जमीन कह रही बर्बादी की कहानी 

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महोली (सीतापुर )करीब 25 वर्ष पहले सुगर कॉर्पोरेशन की इस चीनी मिल में तालाबंदी हो गई थी 1999 से बंद चीनी मिल की करीब 44 हेक्टेयर जमीन जो किसानों से ली गई थी वह बंजर हो गई है इस जमीन में झाड़ियां उगी है जिसके कारण जंगली जानवरों का भी खतरा बरकरार है । जिला अधिकारी सीतापुर डॉक्टर राजा गणपति आर ने इस जमीन को औद्योगिक क्षेत्र में दिए जाने के लिए अपनी आख्या शासन को भेजी है।बताते चलें की बंद चीनी मिल के कारण क्षेत्रीय किसान अन्य चीनी मिलों को अपने गन्ने की आपूर्ति करते हैं वहीं जिन किसानों की जमीन चीनी मिल द्वारा अधिग्रहण की गई वह बंजर में तब्दील हो गई है विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा सभी में चलवाने का दावा प्रत्याशियों द्वारा किया जाता है।लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाती है।अब देखना होगा की कब समस्या का समाधान होता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा

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