
दि ग्राम टुडे,कानपुर। वर्षा के बाद परमट क्षेत्र में उत्पन्न जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने मंगलवार को परमट सम्पवेल, परमट मंदिर तथा शेल्टर होम के समीप स्थित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जलभराव के कारणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में क्षेत्रीय पार्षद जितेन्द्र बाजपेयी, जलकल विभाग के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी, जोनल अधिकारी राजेश कुमार, सहायक अभियंता मीनाक्षी अग्रवाल, जोनल स्वच्छता अधिकारी मोहम्मद फहीम सहित जलकल विभाग के अभियंता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जलकल विभाग के अधिकारियों ने नगर आयुक्त को अवगत कराया कि परमट क्षेत्र में नाला टैपिंग के तीन स्थानों पर लगी जालियों पर तैरता हुआ कचरा एवं अन्य अपशिष्ट एकत्र हो जाने से जल निकासी बाधित हो जाती है, जिसके कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। अधिकारियों ने बताया कि 3 जुलाई को हुए जलभराव का मुख्य कारण उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा एक हजार मिलीमीटर क्षमता के गेट वाल्व की स्थापना का कार्य था। इस दौरान नाले में बनाई गई अस्थायी दीवार के कारण जल प्रवाह प्रभावित हुआ था। अब उस अस्थायी अवरोध को हटा दिया गया है, जिससे जल निकासी की क्षमता सामान्य हो गई है।
नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि जोन-4 के जोनल अभियंता ठेकेदार के माध्यम से नाला स्क्रीन की चौबीसों घंटे निगरानी तथा नियमित सफाई सुनिश्चित करें। साथ ही जोनल स्वच्छता अधिकारी को पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती कर प्रत्येक स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने जलकल विभाग के महाप्रबंधक को निर्देशित किया कि परमट स्थित गेट वाल्व पर चौबीसों घंटे कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा जल निकासी संबंधी समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके। नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने गली-पिटों की तत्काल सफाई एवं आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही परमट मंदिर के घाट तक जाने वाले अस्थायी मार्ग पर इंटरलॉकिंग तथा रिटेनिंग वॉल के निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा, जिससे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिल सके।
परमट घाट स्थित गेट वाल्व के निकट निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट (सी एंड डी वेस्ट) तथा गंदगी पाए जाने पर नगर आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दो दिनों के भीतर समस्त मलबा हटाने तथा आगामी एक सप्ताह तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर पूरे क्षेत्र को पूर्णतः स्वच्छ रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान परमट मंदिर परिसर, घाट की सीढ़ियों तथा आसपास के क्षेत्र में गंदगी मिलने पर नगर आयुक्त ने उत्तरदायी कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए सफाई नायक रमेश तथा आउटसोर्स कर्मी विशाल, विनोद, सुश्री ममता, वीर हजारिया एवं सुश्री सोना का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए।
नगर आयुक्त ने कहा कि वर्षाकाल के दौरान जलभराव एवं स्वच्छता व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वित ढंग से कार्य करते हुए जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, नियमित निगरानी करने तथा नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।
परमट में जलभराव पर नगर आयुक्त का सख्त रुख, चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश, लापरवाही पर कर्मचारियों का वेतन काटा
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