राष्ट्रीय स्तर पर साइबर सर्जिकल

Date:

*राष्ट्रीय स्तर पर साइबर सर्जिकल स्ट्राइक: गांधी जयंती पर 372 फर्जी अकाउंट बंद, महिलाओं के सम्मान पर चोट करने वालों पर कहर*

 

*नई दिल्ली/पटना, 2 अक्टूबर।*

 

गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध पर सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट दीपक कुमार के नेतृत्व में चलाए गए 3 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान में *देश के विभिन्न राज्यों से 372 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बंद* कराए गए।

 

इसमें *बिहार के पटना से 64 और नालंदा से 36 अकाउंट* शामिल हैं, बाकी अकाउंट देश के अन्य राज्यों से हैं।

 

*राष्ट्रीय अभियान क्यों चला?*

 

देशभर में महिलाओं और छात्राओं के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने के मामले तेजी से बढ़ रहे थे। कई मामलों में पीड़िताओं के पति और प्रेमी ही निजी तस्वीरें वायरल कर रहे थे। इसे रोकने के लिए यह राष्ट्रीय अभियान चलाया गया, जिसमें स्कूल, कॉलेज और घरेलू महिलाओं को टारगेट करने वाले अकाउंट्स को ध्वस्त किया गया।

 

*अभियान के हीरो – दीपक कुमार*

 

देश के प्रतिष्ठित साइबर एक्सपर्ट, जो कई राज्यों की पुलिस, हाईकोर्ट के जज, IIT और IIM में साइबर अनुसंधान की ट्रेनिंग देते हैं। अब तक *4200 से अधिक फर्जी अकाउंट बंद* करा चुके हैं और कई राज्यों के ब्लाइंड केस सुलझाने में पुलिस की मदद कर चुके हैं।

 

*आपके साथ हो तो क्या करें?*

 

1. आधार कार्ड और सेल्फी साथ रखें

2. फर्जी अकाउंट का लिंक सेव करें

3. cybercrime.gov.in या नजदीकी साइबर थाने में रिपोर्ट करें

 

सोशल मीडिया कंपनियां अंतरराष्ट्रीय IT कानून के तहत पुलिस के सरकारी ईमेल से आई रिपोर्ट पर ही कार्रवाई करती हैं, जिसे कोई डिलीट नहीं कर सकता।

✒️ कुमुद रंजन सिंह, अधिवक्ता उच्च न्यायालय पटना।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

लेटेस्ट खबरें

गांव-समाज की खबरें
Related

गांधीजी-लालबहादुर शास्त्री जयंती

2 अक्टूबर को दो जन्म जयंती मनाते, जन्मे भारत...

ये छप चुका है 

निराकार का रूप सजाना। बुद्धिमान तह मिले खजाना।। सृष्टि रची जिसने...

जीवन- मृत्यु दर्शन 

जीवन- मृत्यु दर्शन शीतल निर्मल जल, पोषक अन्नाहार बोल सुभाषित, होते महत्व...

गीत ताटंक छंद

गीत नहीं आते अधरों पर आंँखें जब दो रोती हैं। पेट...