हनुमान अंश की अद्भुत सफ़लता का महत्वपूर्ण श्रेय है प्रमुख पात्र के बचपन और युवा उम्र का अद्भुत जीवंत अभिनय
हनुमान अंश, बेहद चर्चित हो रहीं हैं प्रतिदिन, होने भी चाहिए, प्रमुख बात यह है कि यह धर्म की राजनीति से कोसों दूर एक साफ सुथरी फ़िल्म है जो पूर्ण रूप से फिल्म के प्रमुख पात्र पर दस्तक देती समपर्ण है, सच तो यह है कि
कोई माने या न माने स्वयं प्रभु हनुमान जी का जैसे अद्भुत आशीष है सभी पत्रों पर , निर्माता निर्देशक और तमाम कलाकारों पर क्यों कि कही भी फिल्म कमजोर नहीं दिखाई देती हैं
हर पात्र ने पूर्ण समर्पण से कार्य किया है ओर यही वजह है कि आज सभी के दिल और दिमाग में दस्तक दे सदियों जिन्दा रहेगी
कही भी व्यर्थ दृश्य नहीं लगता
कही भी बेमतलब फिल्म को लंबी कर के दिखाया नहीं है
सब कुछ जैसे ईश्वरीय आशीष रहा है फिल्म के एक एक दृश्य पर यही वजह है कि अंत तक फिल्म बांधे रखती हैं मुझे उमीद नहीं थी किसी फिल्म को इतनी देर तक देख पाऊंगा सोचा था जितनी देर बैठ सके ठीक हैं उठ कर चले आयेंगे पर देखा पता नहीं चला फिल्म कब खत्म हो गई और बाहर निकल कर लगा जैसे स्वयं प्रभु हनुमान ने मुझ नाचीज़ को भी प्रेरित किया वरना हम ने तो भाई सालों से फिल्म देखना बंद कर दिया इतना समय नहीं मिलता फिर वही घीसी पट्टी
कहानी होती हैं
पर देख कर लगा हनुमान अंश अभी भी अच्छे कलाकार है निर्माता निर्देशक हैं जो यादगार फिल्म दे सकते है और समाज और देश को सही दिशा मार्ग देने का अद्भुत नेक कार्य कर सकते है
प्रणाम सत् सत् प्रणाम करता हूं फिल्म के हर दृश्य को हर छोटे बड़े पात्र को और निर्माता निर्देशक को तमाम देवत्व इंसानों को जो फिल्म से जुड़े है और जो देखने वाले अद्भुत इंसान उन्हें अपनी कलम से लेखन से आज उसके महत्व और अस्तित्व पर दस्तक दे लिख रहे हैं वंदनीय है सभी
डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश






