हम सब की प्यारी हिंदी
मांँ के मस्तक पर जैसे बिंदी!!
ऐसी हमारी भाषा है हिंदी
भाषा की सिरमौर हिंदी!!
सरल सहज होती अभिव्यक्ति
संस्कृत से सभी भाषाएं निकली,
उनमें से सर्वश्रेष्ठ है हिंदी!!
बोलचाल की भाषा है यह
भारत का सौभाग्य है हिंदी!!
अ आ इ ई हिंदी वर्णमाला
के बारह अक्षर,
अपने हिंदुस्तान में हिंदी!!
मांँ से माता बन जाता है
सबके अंतर्मन में हिंदी!!
अभिव्यक्ति सरल सहज हो जाती
भारत का तो भाल है हिंदी!!
एक सूत्र में बांध देती है
हमें हमारी भाषा हिंदी!!
शिक्षा को यह सरल बनाती
सबको सक्षम कर देती हिंदी..!!
स्वरचित- राजीव त्रिपाठी
उदयपुर राजस्थान






