लाल थे भारत माता के , बहादुर लाल कहलाये ।
सादगी जीवन में जिनके, इसी से जन जन को भाये ।।
था कद छोटा ही जिनका , हृदय विशाल पाया था ।
करू गुणगान मैं उनका , उनके आदर्श अपनाये ।।…………..२
नाटक हरि चन्द्र का देखा , सहारा सत्य का पाया ।
अहिंसा सत्य से शासन, था गोरो का भी थर्राया ।
गान गीता व प्रभु का ध्यान , हमेशा ही किया करते ।
शक्ति भारत में कितनी है , यथा जो गुणियों ने गाया ।…………..३
श्री मद् भगवत गीता जी का जिसने लिया सहारा ।
क्रांतिकारी अमर शहीदों और मोहन दास हमारा ।।
सत्य अहिंसा को अपनाया कर हरि नाम का सुमरन ,
कहें महात्मा गांधी जिसको विश्व गगन का तारा ।।…………४
राजेश तिवारी ‘मक्खन’
झांसी उ प्र






