– भाजपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष ने सुनी मन की बात
सीतापुर। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। देश के हर वर्ग का प्रधानमंत्री बहुत ध्यान रखते हैं। जहां बुजुर्गों के हितों के लिए तमाम योजनाएं चला रहे हैं, वही देश के युवाओं के हितों का भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत ध्यान रखते हैं। यह बात भारतीय जनता पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष अचिन मेहरोत्रा ने रविवार कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मन की बात के 136वें संस्करण को सुनने के दौरान कहीं।
भाजपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष अचिन मेहरोत्रा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ सीतापुर विधानसभा के नगर 1 मंडल के शक्ति केंद्र तामसेनगंज की बूथ संख्या 243 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुन रहे थे। आज कारगिल विजय दिवस के मौके पर मन की बात के कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने शहीद सैनिकों को नमन किया और उनके योगदान को याद किया। पीएम मोदी ने इस दौरान युवाओं का हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने खेल से लेकर तकनीक तक में युवाओं के योगदान को सराहा। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें गर्व से भर देता है, यह दिन हमें अपने वीर जवानों के अद्भुत साहस की याद दिलाता है। कारगिल की ऊंची-ऊंची चोटियां, कठिन मौसम, दुश्मन की चुनौती, हर परिस्थिति हमारे सैनिकों के सामने थी, लेकिन उनका हौसला हर चुनौती से बड़ा था। उन्होंने मां भारती की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। आज ‘कारगिल विजय दिवस’ पर मैं सभी वीर शहीदों और वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।फिजिक्स ओलंपियाड में हमारे सभी पांच छात्रों ने गोल्ड मेडल जीता और भारत ने पहली रैंक हासिल की। पिछले एक दशक में हर फिजिक्स ओलंपियाड में हमारे देश के छात्रों ने गोल्ड या सिल्वर मेडल जरूर जीते हैं। केमिस्ट्री ओलंपियाड में भी हमारे सभी छात्रों ने गोल्ड मेडल जीते। ये अब तक की बेस्ट परफॉर्मेंस रही है। बायोलॉजी ओलंपियाड में भी हमारे सभी छात्रों ने मेडल जीते, इनमें एक गोल्ड मेडल भी शामिल है। वहीं, गणित ओलंपियाड में हमारे छात्रों ने दो स्वर्ण और चार रजत पदक अपने नाम किये। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले रविवार को विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण से हर देशवासी गौरव से भरा हुआ है। हम सभी भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। इस निजी क्षेत्र द्वारा विकसित किया गया भारत का पहला रॉकेट है। हमारे युवा अन्वेषकों ने वो कर दिखाया, कल्पना तक मुश्किल थी। उन्होंने गजब की कुशलता, जुनून और धैर्य दिखाया। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे युवाओं ने हाल के दिनों में स्पोर्ट्स में कई शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। पीवी सिंधु बैडमिंटन में Japan Open का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी लंदन में लॉर्ड्स स्टेडियम में अपना पहला टेस्ट मैच जीता है। यह एक ऐतिहासिक जीत है।पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का भारत अपने वीरों को सिर्फ याद ही नहीं करता, बल्कि नई पीढ़ी तक उनकी गाथा भी पहुंचाता है। इसी भावना से इस साल एक विशेष ‘शौर्य विजय यात्रा’ निकाली गई है। 14 जुलाई को दिल्ली के ‘नेशनल वॉर मेमोरियल’ से शुरू हुई यह मोटरसाइकिल यात्रा द्रास के कारगिल वॉर मेमोरियल तक पहुंचेगी। इसका संदेश है- ‘वन राइड, वन नेशन, वन सेल्यूट।’ यह यात्रा हमें याद दिलाती है कि राष्ट्र के लिए दिया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। इस दौरान, पीएम मोदी ने रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज भारत अपने सैनिकों के साहस के साथ-साथ अपनी तकनीकी क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रहा है। कुछ दिन पहले भारतीय नौ-सेना में आईएनएस महेंद्रगिरि शामिल किया गया। यह आधुनिक जंगी जहाज भारत में ही डिजाइन कियागया है, भारत में ही बना है। इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि इसी महीने डीआरडीओ ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का भी सफल परीक्षण किया। इस सफलता के पीछे हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों का सामूहिक परिश्रम है। दो-तीन दिन पूर्व ही डीआरडीओ ने कुशा मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज रक्षा उत्पादन हो, रक्षा निर्यात हो या मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग हो, भारत लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। इस महीने की शुरुआत में मैं इंडोनेशिया में था, जहां ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों के लिए एक बड़ा समझौता हुआ है। दुनिया का भरोसा भारत के रक्षा उपकरणों और तकनीक पर बढ़ रहा है। इस मौके पर उत्तम पांडे, अनमोल पाल, दिनेश कश्यप, दानिश, अनुराग महेंद्र, विनय राठौर, सुशील राठौर, अखिलेश वर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।






