पिसावां, सीतापुर। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ब्लॉक पिसावां में आए दिन क्षेत्र की गौशालाओं का निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के दौरान कई गौशालाओं में व्यवस्थाओं को लेकर खामियां सामने आने की बात कही जाती है, लेकिन निरीक्षण के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई न होने से व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गौशालाओं में गोवंशों के लिए शासन के मानक के अनुसार पर्याप्त चारा, दाना, भूसा और शुद्ध पेयजल उपलब्ध होना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत कई जगह अलग दिखाई देती है। गोवंशों के रखरखाव और खान-पान की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें सामने आती रहती हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि निरीक्षण के दौरान कमियां मिलती हैं तो उनके सुधार के लिए जिम्मेदारों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? निरीक्षण की प्रक्रिया लगातार चलने के बावजूद यदि व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं, तो आखिर निरीक्षण के बाद की जाने वाली कार्रवाई कहां तक पहुंच रही है?
क्षेत्रीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि गौशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं की जमीनी स्तर पर जांच कराई जाए तथा निरीक्षण में मिली कमियों के संबंध में की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की जाए, ताकि गोवंशों को शासन के मानकों के अनुरूप चारा, भूसा और स्वच्छ पेयजल मिल सके।






