बियाह गीत 

Date:

रोअतानीं मछरिया ए भइया,

पापा कइलन कन्यादान।

छुटी जाई नगरिया ए भइया,

हो तुहूॅं भइया अपान।

धीरज धरऽ बहिनिया ए दुलरी,

पापा ॲंखिया लोर।

दुनिया के जवन रीतिया ए बहिनी,

उठे छतिया हिलोर।

अंगना मड़वा सेनुरवा ए भइया,

लिखल जाला तकदीर।

कइसन इहो दस्तुरवा ए भइया,

ॲंखिया उमड़ेला नीर।

विद्या शंकर विद्यार्थी रामगढ़, झारखंड

रचना मौलिक स्वरचित।

20/09/2026

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

लेटेस्ट खबरें

गांव-समाज की खबरें
Related

मानव जीवन अनमोल, व्यर्थ न गवाएं, पंकज जी महाराज

मीरजापुर।जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के संस्थापक संत...

पाक्सो एक्ट को लेकर छात्र-छात्राओं को किया जागरूक

  महोली अमृत विचार :उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन...

विजय सैनी     बाइक सवार गिरने के साथ ई-रिक्शा भी पलटे,...

राशन की दुकान में 11 कुंतल अनाज कम मिला, कार्रवाई के निर्देश

  पिसावां/महोली (दि ग्राम टुडे)। ग्रामीणों की शिकायत पर सोमवार...